विभगीय कार्मिकों के कर्तव्य एवं कार्य प्रणाली

बाट तथा मापों एवं तौलने-मापने की प्रक्रिया के मानक के अनुरूप संचलित कर उपभोक्ता हितों का संरक्षण करना विभगीय अधिकारियों का प्रमुख कर्तव्य है । उक्त प्रायोजन हेतु मुख्यतः कर्यरत विभिन्न वरिष्ठ निरीक्षको द्वारा व्यापारियों के मानक बाट-मापों एवं तौलने मापने के उपकरणों को कार्यमानकों के सापेक्ष सत्यापित एवं मुद्रांकित किया जाता है तथा साथ ही साथ उक्त मानक बाट मापों के संव्यवहार में प्रचलन एवं समुचित प्रयोग को सुनिश्चित करने हेतु प्रवर्तन कार्य कर्, अनियमितता पाये जाने पर दोषी व्यक्तियों के विरुध्द अभिग्रहण एवं अभियोजन की कर्यवाही सतत रूप से की जती है ।

अभियोजन किये गये मामलों मे कुछ अनियमितताओं को छोड़कर शेष के विभागीय स्तर पर शमन द्वारा निस्तारण का प्रवधान है । शमन शुल्क निर्धारित करने हेतु सहायक नियंत्रक एवं उच्चाधिकरी अधिकृत हैं तथा जो व्यापारी विभागीय शमन नही चाहते उन मामलो को जनपद के सक्षम न्यायलय मे प्रेषित कर दिया जाता है । प्रत्येक कार्मिक नियंत्रक के सामान्य पर्यवेक्षण, निर्देशन एवं नियंत्रण मे अपने उत्तरदायित्वों का निर्वहन करते है ।

यही नहीं, विधिक माप विज्ञान (पैकेज मे रखी वस्तुएँ)नियम 2011 के प्रवधानों के अन्तर्गत पैकेज वस्तुओं पर मानक उद्घोषणाओं के ना होने तथा अन्य अनियमितताओं में भी दोषी निर्माताओं एवं विक्रेताओं के विरुध्द उपरोक्तानुसार अभिग्रहण एवं अनियमित मामलों के निस्तारण का कार्य भी विभागीय कार्मिको का एक प्रमुख कर्तव्य एवं उत्तरदायित्व है ।